⚖️ आपसी सहमति से तलाक

भारत में आपसी सहमति से तलाक, सही तरीके से।

जब दोनों पति-पत्नी अलग होने पर सहमत हों, तो आपसी सहमति से तलाक सबसे तेज़, कम तनावपूर्ण और सबसे किफ़ायती रास्ता है। VakilHub के पारिवारिक वकील याचिका, समझौता शर्तों और न्यायालय प्रक्रिया को सावधानी और विवेक के साथ संभालते हैं, दोनों मोशन में आपका मार्गदर्शन करते हैं ताकि कार्यवाही सुचारू और निजी रहे।

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🔒 आपकी जानकारी गोपनीय है। कभी स्पैम नहीं।

  • ✓ सत्यापित, बार-पंजीकृत अधिवक्ता
  • ✓ ₹14,999 से पारदर्शी निश्चित मूल्य — कोई छिपा शुल्क नहीं
  • ✓ दरवाज़े पर दस्तावेज़ लेना और पहुँचाना

VakilHub एक निजी सेवा है और किसी भी सरकारी एजेंसी से संबद्ध नहीं है। सरकारी और वैधानिक शुल्क अलग हैं और वास्तविक रूप में लिए जाते हैं।

इसमें क्या शामिल है

  • अनुभवी पारिवारिक वकील से परामर्श
  • आपसी सहमति से तलाक याचिका और समझौता शर्तों का प्रारूपण
  • उपयुक्त पारिवारिक न्यायालय में याचिका दाखिल करना
  • पहले और दूसरे मोशन के दौरान प्रतिनिधित्व और मार्गदर्शन
  • तलाक की डिक्री मिलने तक सहायता

आपको जो दस्तावेज़ चाहिए

  • विवाह प्रमाणपत्र
  • दोनों पति-पत्नी का पता प्रमाण
  • विवाह की तस्वीरें
  • सहमत समझौते का विवरण (संपत्ति, भरण-पोषण, अभिरक्षा यदि लागू हो)
यह कैसे काम करता है

आपसी तलाक चार आसान चरणों में

1

गोपनीय परामर्श

एक पारिवारिक वकील आपकी स्थिति और दोनों पति-पत्नी द्वारा सहमत शर्तों को समझता है।

2

याचिका और समझौता

हम संयुक्त याचिका और संपत्ति, भरण-पोषण और अभिरक्षा को कवर करने वाला स्पष्ट समझौता तैयार करते हैं।

3

दाखिल करना और पहला मोशन

हम पारिवारिक न्यायालय में दाखिल करते हैं और पहले मोशन में आपका मार्गदर्शन करते हैं।

4

दूसरा मोशन और डिक्री

वैधानिक अवधि के बाद, हम दूसरा मोशन पूरा करते हैं और तलाक की डिक्री तक कार्यवाही देखते हैं।

समय-सीमा: आपसी सहमति से तलाक में आमतौर पर 6–18 महीने लगते हैं, जिसमें वैधानिक कूलिंग-ऑफ अवधि शामिल है, जिसे न्यायालय कभी-कभी माफ़ कर सकते हैं।

प्रश्न

आपसी तलाक — सामान्य प्रश्न

तलाक को 'आपसी सहमति' या 'बिना विवाद' क्या बनाता है?

दोनों पति-पत्नी तलाक और शर्तों — समझौता, भरण-पोषण और अभिरक्षा — पर सहमत होते हैं। इससे विवादित मुकदमे से बचा जाता है और यह कहीं अधिक तेज़ और सस्ता है।

क्या कोई अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि है?

पहले और दूसरे मोशन के बीच आमतौर पर छह महीने की कूलिंग-ऑफ अवधि होती है, हालाँकि न्यायालय उपयुक्त मामलों में इसे माफ़ कर सकते हैं। आपका वकील आपकी स्थिति के आधार पर सलाह देगा।

क्या यह प्रक्रिया गोपनीय है?

हाँ। हम हर मामले को विवेक के साथ संभालते हैं, और आपके दस्तावेज़ और व्यक्तिगत विवरण पूर्णतः गोपनीय रखे जाते हैं।

हम कहाँ काम करते हैं

आपके पास आपसी सहमति से तलाक

भारत के प्रमुख शहरों में स्थानीय अधिवक्ता और दरवाज़े पर सेवा।

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